बेबस गर्भवती रोती-गिड़गिड़ाती रही , अस्पताल में जगह न मिलने पर रिक्शे में जन्मा बच्चा

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आज के समय में इंसानियत कितनी शर्मसार हो गई है। जो आप अपने आगे किसी की न सुनती है और न कुछ देखती है। फिर चाहे वो कोई हो। एक ऐसी ही घटना अलीगढ के हाथरस से आई है जहाँ एक गर्भवती महिला रोती रही गिरगिराती रही लेकिन उसकी किसी ने एक न सुनी।

अपने कोख में 9 महीने का बच्चा लिए वह अस्पताल डिलीवरी के लिए पहुंची थी लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी। आखिर में थक हारकर उसे अस्पताल के दरवाजे से ही उल्टे पांव लौटना पड़ गया।

महिला की हालत को देखते हुए भी अस्पताल ने उस पर जरा भी रहम नहीं किया बल्कि उसे डांट-फटकारकर वहां से भगा दिया।  सबके सामने रोती-गिड़गिड़ाती उस महिला की हालत ऐसी थी कि जब उसे अस्पताल में जगह न मिल पाई तो उसे मजबूरन एक रिक्शे में बच्चे को जन्म देना पड़ा। 

मौके पर तमाम लोगों की भीड़ लग गई लेकिन सरकारी स्वास्थ्य कर्मी काफी देर तक तमाशा देखते रहे। बाद में प्रसूतिका के परिजन नवजात बच्चे और प्रसूतिका को रिक्शे पर लादकर ही महिला अस्पताल ले गए और वहां जमकर हंगामा हुआ। शोरगुल के बीच जैसे-तैसे इस महिला व उसके बच्चे को अस्पताल में दाखिल किया गया। बाद में सीएमओ भी वहां पहुंच गए और मामले को लेकर पूछताछ की। गर्भवती का नाम रायमीन बताया । 

परिजनों का आरोप है कि जब वह गयमीन को शनिवार को जिला महिला अस्पताल में लेकर आए थे तो उसे यह कहकर वापस भेज दिया गया था कि अभी इसके प्रसव में समय हैं। रविवार की शाम चार बजे के लगभग जब उक्त गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा तेज हुई तो परिजन उसे माल ढोलने वाले रिक्शे में लेकर जिला महिला अस्पताल लेकर आए। 

उनका आरोप है कि उस समय रायमीन प्रसव पीड़ा से तड़फ रही थी लेकिन उसके बाद भी अस्पताल के स्टॉफ ने उसे वहां दाखिल नहीं किया। इसके बाद जब प्राइवेट अस्पताल में उसकी डिलीवरी कराने के लिए जब माल ढोने वाले रिक्शे में लेकर जा रहे थे तो जिला अस्पताल के बराबर में ही पुराने एसपी ऑफिस परिसर में इसी रिक्शे में इस महिला ने एक बेटे को जन्म दिया।

प्रसव क्रिया वहीं कराई गई। देखते ही देखते वहां भीड़ लग गई। खुले आसमान के नीचे इस महिला के बेटा पैदा हो गया। हद तो तब हो गई, जब बगल से तमाम स्वास्थ्य कर्मी वहां आ गए और तमाशा देखते रहे। करीब आधा दर्जन एंबुलेंस यथावत खड़ी रही। बाद में फिर इसी रिक्शे में लादकर इस महिला व उसके बच्चे को परिजन फिर जिला अस्पताल ले गए। 

वहां इन लोगों ने जमकर हंगामा किया। इनका आरोप था कि अस्पताल के स्टाफ ने उन्हें फटकार कर भगा दिया था और इस वजह से यह डिलीवरी खुले में हुई। बाद में सीएमएस महिला चिकित्सालय रूपेंद्र गोयल वहां आए और महिला और उसके शिशु को अस्पताल में दाखिल कराया। घटना की जानकारी मिलने पर सीएमओ डॉ.ब्रजेश राठौर भी वहां पहुंच गए और उन्होंने पूछताछ की।

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