पाकिस्‍तान को लगा तगड़ा झटका, तालिबान नेता नूर वली आतंकवादी घोषित

अमेरिका ने आतंकवाद के गढ़ बने पाकिस्‍तान को एक बार फिर से करारा झटका दिया है। अमेरिका ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के नेता को आतंकवादी के रूप में घोषित किया है। टीटीपी को पाकिस्तान तालिबान के रूप में भी जाना जाता है और यह आतंकी समूह कई आत्मघाती विस्फोटों और सैकड़ों नागरिकों की मौत का जिम्मेदार है।

बता दें कि अमेरिकी राज्य विभाग द्वारा टीटीपी को पहले विशेष रूप से वैश्विक आतंकवादी (एसडीजीटी) के रूप में नामित किया गया था। जून 2018 में पूर्व टीटीपी नेता मुल्ला फजलुल्लाह की मौत के बाद नूर वली, जिसे मुफ्ती नूर वली महसूद के नाम से भी जाना जाता है, को टीटीपी का नेता घोषित किया गया था।

अल-कायदा से जुड़ा है टीपीपी

अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने एक बयान में कहा कि नूर वली के नेतृत्व में, टीटीपी ने पाकिस्तान भर में कई घातक आतंकवादी हमलों को अंजाम दिया। राज्य विभाग द्वारा यह निर्णय आतंकवादी समूह के हमलों की योजना बनाने और उसे अंजाम देने के लिए संसाधनों पर पाबंदी लगाने के लिए लिया गया है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, टीपीपी अल-कायदा से जुड़ा है। यह वित्त पोषण, नियोजन, सुविधा, हमले की तैयारी या कृत्यों की गतिविधियों को बनाए रखने के लिए अलकायदा का सहयोग करता है।

नूर वली को आतंकवादी घोषित करना पाकिस्तान के लिए एक झटके की तरह है, क्‍योंकि उस पर लगातार विश्व समुदाय द्वारा आतंकवादी समूहों को वित्त पोषण करने का आरोप लगता रहा है। पाकिस्तान लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और जैश-ए-मोहम्मद (जेएम) जैसे आतंकवादी समूहों के प्रति अपने झुकाव के लिए एफएटीएफ के रडार पर है।

इस्लामाबाद की छवि पर पड़ सकता है नकारात्मक प्रभाव

गौरतलब है कि एफएटीएफ ने अक्टूबर तक पाकिस्तान को आतंकी वित्त पोषण पर अंकुश लगाने की अपनी कार्यों में तेजी लाने के लिए कहा है। अगर वह ऐसा नहीं करता है तो उसे एफएटीएफ द्वारा ब्लैकलिस्ट होने का खतरा है, जिससे इसकी स्थिर अर्थव्यवस्था के लिए समस्याएं बढ़ सकती हैं। अमेरिका द्वारा की गई इस वर्तमान कार्रवाई के चलते एफएटीएफ के सामने इस्लामाबाद की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

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